अब 9वीं से 12वीं तक किताब से देखकर दे सकते हैं परीक्षा- कोई फेल नहीं होगा

अब 9वीं से 12वीं तक किताब से देखकर दे सकते हैं परीक्षा- कोई फेल नहीं होगा

अब 9वीं से 12वीं तक किताब से देखकर दे सकते हैं परीक्षा- :-बोर्ड इसी साल से नौवीं से 12वीं तक के लिए ओपन बुक एग्जाम (ओबीई) ट्रायल करेगा. इसी साल के अंत में कक्षा नौवीं और 10वीं के लिए अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए अंग्रेजी, गणित और जीवविज्ञान के लिए कुछ स्कूलों में ओपन-बुक टेस्ट कराया जायेगा.

सीबीएसइ के परीक्षा नियंत्रक डॉ संयम भारद्वाज ने बताया कि इसी र्ड साल नवंबर-दिसंबर में आयोजित ना करने का प्रस्ताव है. पहले ट्रायल टेस्ट के बाद बोर्ड यह तय करेगा कि नौवीं से 12वीं के लिए उसके सभी स्कूलों में इसे लागू करना चाहिए नहीं. इससे स्टूडेंट्स की थिंकिंग स्किल्स, एप्लीकेशन, एनालिसिस, क्रिटिकल और क्रिएटिव थिंकिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग एबिलिटी का टेस्ट लिया जायेगी. जून तक ओबीइ पायलट के डिजाइन और डेवलेपमेंट को पूरा करने की योजना है. यह फॉर्मेट दिल्ली यूनिवर्सिटी से तैयार किया जायेगा.

ओपन-बुक एग्जाम में स्टूडेंट्स को परीक्षा के दौरान अपने नोट्स, किताबें या अन्य स्टडी मटेरियल साथ ले जाने और उन्हें देखने की अनुमति मिलेगी. सीबीएसइ के अधिकारियों ने बताया कि ओपन-बुक एग्जाम में स्टूडेंट्स की याद रखने की क्षमता का आकलन नहीं किया जाता, बल्कि किसी सब्जेक्ट या टॉपिक की समझ और उसके प्रैक्टिकल नॉलेज को परखा जाता है. एग्जामिनर उन आंसर्स को नंबर नहीं देते, जो किताब से देखकर लिखे गये हों, बल्कि उन आंसर्स को मार्क्स दिये जाते हैं जिसमें स्टूडेंट की इंटेलिजेंस दिखाई दे.

गवर्निंग स बॉडी की मीटिंग में स्टूडेंट को एग्जाम ले फॉर्मेट समझाने के लिए ओबीइ के लिए खास किताबें तैयार करने पर भी विचार किया गया. यह भी प्रस्ताव रखा गया कि पहले टीचर्स के लिए ओबीइ आयोजित किया जाना चाहिए.

सीबीएसइ ने कहा है कि 2024 में 10वीं और 12वीं के बोर्ड एग्जाम के रिजल्ट में पसेंटेज यानी एग्रीगेट मार्क्स जारी नहीं किया जायेगा. इसके अलावा अगले साल से रिजल्ट के साथ डिवीजन (फर्स्ट, सेकंड या थर्ड डिवीजन) और डिस्टिंक्शन भी जारी नहीं किया जायेगा. अब रिजल्ट में सिर्फ सीजीपीए (कम्युलेटिव ग्रेड पॉइंट एवरेज) यानी ग्रेड पॉइंट्स ही मिलेंगे. एकेडमिक इयर 2025-26 से 10वीं, 12वीं के स्टूडेंट्स को साल में दो बार बोर्ड एग्जाम में शामिल होने का ऑप्शन मिलेगा.

सीबीएसई बोर्ड इसी साल से नौवीं से बारहवीं तक के लिए ओपन बुक एग्जाम (ओबीई) का ट्रायल करेगा। पहले ट्रायल के तौर पर नौवी से दशवीं के अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए अंग्रेजी, गणित और जीवविज्ञान के लिए कुछ स्कूलों में ओपन-बुक टेस्ट कराया जाएगा।

सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ संयम भारद्वाज ने बताया कि ओबीई को इस वर्ष नवंबर-दिसंबर में आयोजित करने का प्रस्ताव है। पहले ट्रायल टेस्ट के बाद बोर्ड यह तय करेगा कि नौवीं से 12वीं के लिए उसके सभी स्कूलों में इसे लागू करना चाहिए या नहीं। इससे छात्रों की सोच, स्किल्स, एप्लीकेशन, एनालिसिस, क्रिटिकल और क्रिएटिव थिंकिंग और प्रॉब्लम सॉल्विग एबिलिटी की टेस्ट ली जाएगी। जून तक ओबीई पायलट के डिजाइन और डेवलेपमेंट को पूरा करने की योजना है। यह फॉर्मेट दिल्ली विवि से तैयार किया जाएगा। दूसरी तरफ गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में ओबीई के लिए खास किताबें तैयार करने पर भी विचार किया गया। बोर्ड ने ऐसी किताबों की जरूरत पर चर्चा कि जिनसे यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्र परीक्षा के इस नये फॉर्मेट को समझ पायें।

सीबीएसई ने कहा है कि 2024 में 10वीं और 12वीं के बोर्ड एग्जाम के रिजल्ट में पसेंटेज यानी एग्रीगेट मार्क्स जारी नहीं किया जायेगा। इसके अलावा अगले साल से रिजल्ट के साथ डिवीजन और डिस्टिक्शन भी जारी नहीं किया जाएगा।

परीक्षा के दौरान नोट्स, किताबें या कोई अन्य स्टडी मटेरियल साथ ले जाने और उन्हें देखने की अनुमति मिलेगी। सीबीएसई के अधिकारियों ने बताया कि ओपन बुक परीक्षा में छात्रों की याद रखने की क्षमता का आकलन नहीं किया जाता, बल्कि किसी विषय या टॉपिक की समझ और उसके प्रैक्टिकल ज्ञान को परखा जाता है। परीक्षक उन उत्तर का नंबर नहीं देते जो किताब से देखकर लिखे गये हों, बल्कि उन उत्तर को अंक दिये जाते हैं जिसमें छात्रों की इंटेलिजेंस दिखायी दे।

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