बिहार बोर्ड बदल जाएंगे अब 9वीं से 12वीं तक के किताब

बिहार बोर्ड बदल जाएंगे अब 9वीं से 12वीं तक के किताब

बिहार बोर्ड बदल जाएंगे अब 9वीं से 12वीं तक के किताब:-एससीईआरटी) ने नौवीं से 12वीं तक की विषयवार किताबों में 915 त्रुटियां पकड़ीं। सबसे ज्यादा त्रुटि नौवीं और दसवीं के सामाजिक विज्ञान के इतिहास विषय में थी। सभी में सुधार किया गया है।

अब नई किताबें छापी जाएगी। इसके लिए बिहार टेक्स्ट बुक कार्पोरेशन (बीटीबीसी) से संपर्क किया गया है। एससीईआरटी ने पिछले एक साल से सरकारी स्कूलों में चलने वाली विषयवार किताबों की समीक्षा करके उसकी त्रुटि सुधार कर रहा है। पहले एक से पांचवीं तक की त्रुटि सुधार की गयी। इसके बाद छठीं से आठवीं तक और अब नौवीं से 12वीं तक की किताबों की समीक्षा करके उसकी त्रुटि सुधार की गयी है। मालूम हो कि इसके लिए कुल 70 शिक्षकों की टीम थी। इसके लिए पांच कार्यशाला आयोजित हुई। इस दौरान शिक्षकों ने त्रुटि को चिह्नित किया।

वर्ष 2013 के बाद हुआ है त्रुटि सुधारः एससीईआरटी ने वर्ष 2013 2013 में सभी विषयों की किताबों में संशोधन किया था। संशोधन के बाद कई चैप्टर को जोड़ा गया था और फिर नई किताबों की छपाई हुई थी। दस सालों के बाद एससीईआरटी प्रशासन ने किताबों की समीक्षा की उसकी त्रुटि सुधार की है। निदेशक सज्जन आर ने बताया कि किताबों की त्रुटियां सही कर दी गई। अब नई किताब छप कर आएगी।

नौवीं व दसवीं में विज्ञान, गणित की एनसीईआरटी की किताबें चलती है। हिन्दी, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान की एससीईआरटी किताबों से पढ़ाई होती है। 11वीं, 12वीं में एनसीईआरटी किताब से पढ़ाई होती है। विशेषज्ञों की टीम द्वारा केवल एससीईआरटी की किताबों की समीक्षा कर त्रुटि सुधार की गयी है। एनसीईआरटी किताबों में सुधार नहीं हुआ है।

बीआरएबीयू में सत्र 2019-22 में स्नातक पास करने वाली को कन्या उत्थान योजना के लाभ के लिए अपने दस्तावेज कॉलेजों में जमा कराना होगा। विवि की ओर से 58 कॉलेजों के प्राचायों को संस्थान में ही छात्राओं के दस्तावेज जमा लेने का निर्देश शुक्रवार को जारी किया गया है। डीएसडब्ल्यू डॉ अभय कुमार सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से पोर्टल खुलते ही सूची अपलोड होगी। इससे ज्यादा समय नहीं लगेगा।

कहा कि सत्र 2019-22 में उत्तीर्ण छात्राओं का आधार कार्ड, मार्कशीट व रजिस्ट्रेशन नंबर की फोटो कॉपी और मोबाइल नंबर कॉलेज में जमा कराना है। साथ ही सभी छात्राओं का नाम व विवरण विश्वविद्यालय की ओर से उपलब्ध कराए गये एक्सल शीट में भरकर पेन ड्राइव में उनके कार्यालय को उपलब्ध कराना है। इस क्रम में सावधानी बरती जानी है ताकि किसी तरह की त्रुटि न हो। दूसरी ओर वैसी छात्राओं जिन्होंने संबंधित संस्थान में अपना डॉक्युमेंट्स जमा करा लिया है उन्हें दोबारा इसे जमा करने की जरूरत नहीं है।

विवि ने स्पष्ट कर दिया है कि सेल्फ फाइनेंस मोड में संचालित होने वाले कोर्स छात्राओं के साथ वोकेशनल की छात्राओं को इसका लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही कॉलेज को जिन विषयों में सरकार से अस्थायी या स्थायी संबद्धता प्राप्त न हो उन विषयों से स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे में इस श्रेणी में आने वाली छात्राओं का दस्तावेज कॉलेजों में नहीं जमा कराया जाए।

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