सबसे अधिक सैलरी वाला जॉब – लाखों से करोड़ों तक का पैकेज

सबसे अधिक सैलरी वाला जॉब – सभी लोग अपने जीवन में लगभग 20-22 साल पढ़ाई में लगाते हैं जिससे वो काबिल बन सकें। खासकर ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के समय वो उन विषयों और कोर्सेज का चुनाव करते हैं जिनमे वो आगे अपना करियर बना सकें।

हालाँकि फिर भी ऐसा देखने को मिलता है की बहुत से युवा इतनी पढ़ाई के बाद भी उम्मीद के अनुसार एक अच्छी नौकरी नहीं ढूढ़ पाते। जिसकी वजह होती है की वो कॉलेज में सही विषयों का चुनाव नहीं कर पाना या बिना सोच विचार के किसी भी कोर्स में एडमिशन ले लेते हैं।

आइये अब जानते हैं कुछ ऐसी जॉब्स के बारे में जिनमे आप को मिल सकती है (Highest Salary Jobs) सबसे ज्यादा सैलरी।

आप को बता दें कि ये एक तरह के स्पेशलिस्ट होते हैं जो उच्च स्तर के डिज़ाइन ऑप्शंस तैयार करते हैं। साथ ही ये कोडिंग जैसे तकनीकी मानकों को अप्लाई करने का प्रयास करते हैं।इस जॉब में डिजाइन विकल्प बनाकर और कोडिंग जैसे तकनीकी मानकों को निर्धारित करके डेवलपमेंट प्रोसेस को और आसान बनाने का काम होता है। इसमें एक software architect को 45 लाख रूपए तक सैलरी मिल जाती है।

सिस्टम एनालिस्ट को ही बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट भी कहा जाता है। ये उन आईटी स्‍पेशलिस्‍ट में से होते हैं जिन्हे इनफार्मेशन सिस्‍टम के एनालिस्ट डिजाइन और इम्प्लीमेंट में महारत हासिल होती है।ये सभी समस्याओं व विषयों को सही तरीके से ठीक करने और साथ ही प्रोग्राम और डेटाबेस का परीक्षण करने के साथ साथ ऑर्गेनाइजेशन में सिक्योरिटी ऑडिट भी करते हैं। हमारे देश में एक सिस्टम एनालिस्ट की सैलरी लगभग 16 लाख रुपये प्रति वर्ष होती है।एक System analyst को विभिन्न ऑपरेटिंग सिस्टम, हार्डवेयर कॉन्फ़िगरेशन, प्रोग्रामिंग भाषाओं और सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर प्लेटफॉर्म के बारे में जानकरी होना बहुत जरुरी होता है ।

प्रोडक्ट मैनेजर एक ऐसे प्रोफेशनल होते हैं जो की उत्पादों को ग्राहकों की जरूरतों को समझते हुए उनकी जरूरतों के अनुसार तैयार करते हैं। प्रोडक्ट मैनेजर की जिम्मेदारी फिजिकल और डिजिटल दोनों ही तरह से प्रोडक्ट का बिजनेस आइडिया तैयार करना होता है।प्रोडक्ट मैनेजर प्रोडक्ट के लॉच तक की सभी व्यवस्थाओं को देखते तथा उस पर नज़र बनाये रखते हैं और अगर जरूरत पड़े तो उसमें बदलाव भी करते हैं और साथ ही प्रोडक्ट की व्यावसायिक सफलता के लिए भी जिम्मेदार होते हैं।ये सॉफ्टवेयर इंजीनियरों, डेटा साइंटिस्‍ट और प्रोडक्‍ट साइंटिस्ट के वर्क का कॉर्डिनेशन भी करते हैं। एक Product manager को सालाना लगभग 25 लाख रुपये तक की सैलरी मिलती है।

हमारे देश में एक पूर्ण स्टैक डेवलपर की औसतन सालाना वेतन लगभग 11 लाख रुपये होता है। एक फुल-स्टैक डेवलपर क्लाइंट और सर्वर दोनों सॉफ्टवेयर तैयार कर सकता है।ये फ्रंट-एंड और बैक-एंड डेवलपमेंट दोनों में काम करते हैं और प्रोडक्ट कॉन्सेप्ट से डेवलपमेंट के सभी स्‍टेज को भी तय करना भी इनका कार्य है।ब्राउजर, सर्वर और डेटाबेस को कैसे प्रोग्राम करना है इसकी जानकारी उन्हें होनी चाहिए जैसे -जावास्क्रिप्ट, jQuery, कोणीय आदि का कैसे उपयोग करना है ।

ब्लॉकचैन इंजीनियर का जॉब भी एक अच्छी सैलरी वाला विकल्प है। इसमें सालाना औसतन 15 लाख रुपये सैलरी तक की कमाई हो जाती है। इनका कार्य ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर आर्किटेक्‍चर और समाधान को डेवलप और इम्प्लीमेंट करना है।मुख्‍य रूप से टेक्‍नोलॉजी कंसल्टिंग फर्मों या डेटा सेवा फर्मों के लिए एक डिजिटल ब्लॉकचेन को लागू करना और बनाना इनका काम है। ब्लॉकचैन इंजीनियर कोड का विश्लेषण करते है, जूनियर्स को ट्रेनिंग देना आदि भी करते हैं।Blockchain engineer बनने लिए आवश्यक है की उन्हें इस बात की समझ हो की ब्लॉकचैन कैसे काम करता है, सर्वसम्मति और हैश फ़ंक्शन जैसी अवधारणाओं की भी समझ हो।

एक DevOps इंजीनियर को हर साल 11 लाख रूपए सैलरी मिलती है। इनका कार्य कोडिंग और क्लासीफाइंग से लेकर रखरखाव और अपडेटिंग करने तक का होता है।ये किसी एप्लिकेशन में बदलाव के लिए होने वाली जरूरतों को पूरा करते हैं। जिससे सॉफ्टवेयर में जटिलता कम हो सके। कुल मिलकर कह सकते हैं की सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के पूरे लाइफ में जरूरतों को बैलेंस करने के लिए एक प्लान Develop करता है।

इनका काम कंपनी की क्लाउड कंप्यूटिंग स्ट्रेटजी का एनालिसिस / विश्लेषण करना होता है। जिसमे क्लाउड अपनाने की योजना और डिजाइन, क्लाउड प्रबंधन और निगरानी आदि कार्य होते हैं।इनका कार्य काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इसलिए इनकी सैलरी भी काफी अच्छी होती है। इन्हे सालाना 26 लाख रुपये तक की सैलरी मिल जाती है।

इन्हे सालाना 15 लाख रुपये की सैलरी मिलती है। ये एनालिटिकल स्‍पेशलिस्‍ट माने जाते हैं, जो थ्रेड को खोजने और डाटा को मैनेज करने के लिए अपने स्किल का उपयोग करते हैं।इन का कार्य इंडस्ट्री नॉलेज का इस्तेमाल कर बिजनेस चुनौतियों के समाधान को उजागर करना है। ये कंप्यूटर साइंस, सांख्यिकी, गणित को जोड़ते हैं और परिणामों की व्याख्या करने के लिए मॉडल डेटा का एनालिसिस और प्रोसेसिंग करते हैं।

IoT सॉल्यूशन आर्किटेक्ट इंटरनेट के प्रैक्टिकल यूज के लिए एप्लिकेशन को डेवलप करते हैं। ये डेवलपमेंट के लिए इंजीनियरों और सेल्सपर्सन के साथ काम करते है।एक सलूशन आर्किटेक्ट के लिए जरुरी है की उन्हे IoT सॉल्यूशन के बारे में पता हो और IoT डेवलपमेंट के लिए कई डिपार्टमेंट के साथ मिलकर काम करना होता है। इनकी सालाना कमाई 10 लाख रूपए तक की होती है।

इनका काम आर्किटेक्ट डिजाइन ऑप्‍शन बनाकर डेवलपमेंट करना, कोडिंग जैसे टेक्निकल स्‍टैंडर्स को निर्धारित करना होता है। हमारे देश में एक AI Architect की सालाना सैलरी लगभग 63 लाख रुपये तक हो सकती है।एआई आर्किटेक्ट बनने के लिए इंफॉर्मेशन और बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी , साथ ही एक आर्किटेक्ट का निर्माण करने के लिए वर्तमान तकनीक से लेकर भविष्य में काम करने वाली व अनुकूल तकनीक तक की जानकरी रखनी होगी।

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