सरकारी स्कूलों में नया नियम लागू - प्रतिदिन 8 घंटे की क्लास

सरकारी स्कूलों में नया नियम लागू – प्रतिदिन 8 घंटे की क्लास

सरकारी स्कूलों में नया नियम लागू :- शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने जिलों को निर्देश दिया है कि शिक्षकों के अवकाश लेने की मनोवृत्ति पर भी रोक लगाएं। एक साथ स्कूल में दस प्रतिशत से अधिक शिक्षकों के अवकाश स्वीकृत नहीं किये जायें। इसे सुनिश्चत कराएं। जिला शिक्षा पदाधिकारी के माध्यम से स्कूल के प्रधानाध्यापक को निर्देश दें कि वह एक साथ कई शिक्षकों को छुट्टी नहीं दें। इसको लेकर श्री पाठक ने सभी जिलाधिकारियों और उप विकास आयुक्तों को आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया है।

जिलाधिकारियों को लिखे पत्र में श्री पाठक ने कहा है कि एक फरवरी से बोर्ड की वार्षिक परीक्षाएं शुरू होनी हैं। ऐसे में आवश्यक है कि सभी शिक्षक बच्चों को ठीक से पढ़ाएं। शिक्षकों की उपस्थिति स्कूलों में बेहतर हो। शिक्षकों पर कड़ा अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता है। ऐसे भी देखा गया है कि बिहार लोक सेवा आयोग से चयनित करीब 50 शिक्षक योगदान देने के बाद भगोड़े हो गए हैं। ऐसे भगोड़े शिक्षकों को निलंबित करते हुए, उनपर विभागीय कार्रवाई शुरू करें। बोर्ड परीक्षा को लेकर माध्यमिक स्कूलों में विशेष कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं।

इसका काफी फायदा मिल रहा है, अभिभावक भी इस कार्य की सराहना कर रहे हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि शिक्षकों की छुट्टी पर नियंत्रण लगायी जाये। कोचिंग संस्थानों में जाकर बच्चों को पढ़ाने वाले सरकारी शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसको लेकर भी विभाग जिलों को आगाह किया है। उन्होंने कहा है कि कोचिंग संस्थानों से यह लिखित रूप से लिया जाये कि उनके यहां पर किसी भी सरकारी शिक्षकों की सेवा नहीं ली जाती है।

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने अपने पत्र में नेशनल कॉरिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन 2023 की चर्चा की है। साथ ही पत्र के साथ पूरी रिपोर्ट भी भेजी है। उन्होंने कहा है कि फ्रेमवर्क में साफ बताया गया है कि प्रारंभिक विद्यालयों में प्रतिदिन सवा सात घंटे और माध्यमिक-उच्च माध्यमिक स्कूलों में 8.5 घंटे पढ़ाई का उल्लेख है। शिक्षकों को भी इसके बारे में बताएं, क्योंकि अधिकांश को इसकी जानकारी नहीं है।

  • केके पाठक ने जिलाधिकारियों को दिया निर्देश
  • बीपीएससी से चयनित 50 भगोड़े शिक्षक होंगे निलंबित
  • कोचिंग में पढ़ाने वाले सरकारी शिक्षकों पर होगी कड़ी कार्रवाई

नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क स्कूल एजुकेशन 2023 के तहत एक वर्ष में 220 दिन स्कूल का संचालन अनिवार्य होगा। वहीं प्रारंभिक कक्षाओं में 7.15 घंटे तो माध्यमिक कक्षाओं में 8.35 घंटे की पढ़ाई जरूरी है। जिले के डायट, पीटीईसी, सीटीई समेत अन्य ट्रेनिंग संस्थानों में शिक्षकों को अब नए फ्रेमवर्क की जानकारी दी जाएगी ताकि इसका असर स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिल सके। साथ ही शिक्षकों के जरिए इसकी जानकारी अब अभिभावकों तक पहुंचाई जाएगी।

प्राइमरी से लेकर प्लस टू स्तर के विद्यालयों में दो घंटी के बीच छात्रों को तैयार होने के लिए कम से कम 5 मिनट का समय रखा गया है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने सभी डीएम को निर्देश जारी करते हुए इसकी जानकारी सभी डीईओ को देने की बात कही है। दूसरी ओर, अब किसी भी स्कूल में 10 फीसदी से अधिक शिक्षकों को एक साथ अवकाश नहीं मिलेगा। विभाग की ओर से कहा गया है कि आगामी बोर्ड परीक्षा को देखते हुए शिक्षकों व विद्यालय अध्यापकों के अवकाश लेने की मनोवृत्ति पर नियंत्रण रखना होगा।

कोचिंग संस्थानों में पढ़ाने वाले सरकारी शिक्षकों को चिन्हित कर कार्रवाई होगी। शिक्षा विभाग को निरीक्षण के क्रम में सूचना मिली है अब भी काफी संख्या में शिक्षक कोचिंग संस्थान में पढ़ाते हैं। इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने की जरूरत है। ऐसे में कोचिंग संस्थानों को यह प्रमाण पत्र देना होगा कि उनके यहां कोई सरकारी शिक्षक कक्षाएं नहीं लेते हैं।

बोर्ड की प्रैक्टिकल परीक्षाओं के बाद कॉपियों की जांच स्कूलों में होगी। इसकी मॉनिटरिंग भी की जाएगी। परीक्षाओं के समापन के बाद ही सभी माध्यमिक और प्लस टू स्कूलों के एचएम की बैठक बुलाकर डीईओ इस बाबत निर्देश देंगे ताकि प्रैक्टिकल की कॉपियों की जांच ससमय हो जाए।

निर्देश में कहा गया है कि 50 प्रतिशत नए विद्यालय में योगदान देकर गायब हैं। अगर आपके जिले में भी ऐसे शिक्षक हैं तो उन्हें तुरंत निलंबित कर विभागीय कार्रवाई करने का आदेश जिला शिक्षा पदाधिकारी को दें।

नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी बनाने के लिए एक परीक्षा ली जाएगी। इसमें उत्तीणं होने पर नियोजित शिक्षक राज्यकर्मी की सभी सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे। विभाग की ओर से कहा गया है कि अब इन शिक्षकों को न्यू पेंशन स्कीम में शामिल किया जाएगा।

नए साल के पहले दिन बिहार के सभी सरकारी विद्यालय खुले रहे। माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में तथा उनके रोजाना के काम से संबंधित नया रजिस्टर लागू हुआ। नए रजिस्टर में हर शिक्षक के नाम के सामने उनके द्वारा लिए गए क्लास का घंटी वार विवरण रहेगा। इसमें विशेष क्लास तथा ‘मिशन दक्ष’ के क्लास का भी जिक्र होगा। इस अटेंडेंस रजिस्टर में शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक दोनों के हस्ताक्षर होंगे।

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